New Thought New Dream
शुक्रवार, 1 जून 2018
सुप्रभात दोस्तो!
शनिवार, 15 जुलाई 2017
आज तो मैंने अपना यह ब्लॉग पुनर्लेखन के लिए फिर से चालू किया है। अब सोच रहा हूं कि अपने इस ब्लॉग पर रोज ही कुछ-न-कुछ लिखूंगा।
मंगलवार, 18 अगस्त 2015
New Thought New Dream :
New Thought New Dream :
सोमवार, 15 जून 2015
मंगलवार, 12 मई 2015
विचार बहती हुई नदी के समान होते हैं | जैसे बहती हुई जलधारा अत्यंत निर्मल होती है , ठीक वैसे ही जो विचार निरंतर प्रवाहित होते रहते हैं , वे बिलकुल निर्मल होते हैं | पोखर का जमा हुआ पानी गन्दा हो जाता है पर बहती हुई जलधारा कभी गन्दी नहीं होती |
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